वाह रे होली
भांग की गोली खाए है सब के सब बौराए है, / अपने गालों को खुद रगड़े ,
भांग की गोली खाए है सब के सब बौराए है, / अपने गालों को खुद रगड़े ,
एक बार मैं मर कर परलोक गया / परलोक क्या परिलोक गया
खादी धोती खादी कुर्ता खादी रुमाल, / खादी झोला खादी टोपी रौबदार चाल,
एक दिन बोले मेरे दोस्त तू मर्द नही है, / जो काम कर सकते है हम वो तू कर सकता नही है,
सजनी सजनी कहते कहते कितने लोग बुढाए, / ना मिले सजने कबहूँ पत्नी गले पड़ जाए,
एक दिन बोला मच्छर, / पढ लिख मैं भी हो गया हूँ साछर,
एक पल के लिए हँसता एक पल में रोता है, / पल भर में जागता,पल भर के लिए सोता है,
पान के छीटे जो पड़े बुरा ना मानिए ज़माना रंगीन है, / इससे तो आप लग रहें,
रमेश भाई को जब तक हुए बाल बच्चे, / उन्के सर के एक भी बाल नही बचे,