अब मैं क्या कहूँ
हो जज़्बात जितने हैं दिल में, मेरे ही जैसे हैं वो बेज़ुबान
जो तुमसे मैं कहना न पाई, कहती हैं वो मेरी ख़ामोशियाँ
सुन सको तो सुनो वो जो मैंने कहा नहीं
सच तो है कहने को अब कुछ रहा नहीं
In English, in short: The feelings in my heart are as wordless as I am. If you can, hear what I never said.
Written in 2025.